मोहब्बत में हारे हुए लड़के भी न दुनिया से अलग ही निकल जाते है। कुछ कबीर सिंह बन जाते है, तो कुछ राहुल जयकर की तरह मोहब्बत में मार जाते है। कुछ इतने संत होते है ,कि किस्मत मन कर सबार कर लेते है, और अपनी जिंदगी अच्छे से जीते है। ये सब देख कर सुन कर मेरा दिल एक कविता लिखना चाहता है।
यह अनुमान है, अगर तू मिली न होती।
जिंदगी कितनी हसीन होती अगर तू साथ होती, जिंदगी कितनी हसीन होती अगर तू साथ होती।
पर जिंदगी और भी हसीन होती अगर तू मिली न होती।
यू रोज रोज खुद से सवाल न होते,
यू हरी भरी जिंदगी में किसी की कमी खाली नही होती।
अगर तू मिली न होती।
वही आवारा मन चले लड़के होते हम,
दुनिया की दौड़ भाग करके माँ की गोद मे सर रख कर सो रहे होते,
किसी चीज की प्रवाह नही होती।
शाम के है सिगरेट चली न होती और हम नाशो की लत लगी नही होती, उज्जलो से ये दिल डरता नही।
ये भीड़ को देख कर दिल मेरा मचलता नही।
जिंदगी के सब सवाल एक तरफ 23 की उम्र में,
उम्र से पहले चहरे पर यू बर्फ जमी नही होती।
हम भी दूसरों की तरह दिल से हँसते।
अगर तू मिली नही होती¶
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